सोमवार, 29 मार्च 2010

जीवन

खोखले नियम
रिश्तों का बोझ

लड़के कि चाह
परंपरा का निर्वाह

जनम से मृत्यु तक
पुरुष की पनाह

ता-उम्र
टोका-टोकी का
सतत प्रवाह

जाने कब
लाल जोड़े का रंग
पिघल आता है
मासूम जिस्म पर

बदल जाता है
खामोश लिबास
शफ्फाक
सफेद कफ़न में

ग्रामोफ़ोने पर बजता है गीत
मैं तो भूल चली बाबुल का देस
पिया का घर प्यारा लगे ....