बुधवार, 25 जुलाई 2012

चिंतन ...


अनेकों बार पढ़े गीता सार से प्रभावित रचना ... 

जो हुआ 
या जो हो रहा है 
और आगे भी होने वाला है    
सब कुछ बेमानी तो नहीं 

हर होने के पीछे की वजह मालुम हो 
ये जरूरी नहीं 
और जो हुआ या होने वाला है ... वो बेवजह नहीं    
ये कह देना भी जरूरी नहीं 

जो जरूरी है वो ये की हर होने को जीना    
जो होने वाला है उसको तहे दिल से तसलीम करना   

जो होना है वो तो होगा 
वजह जान के बेवजह करना 
या जो होना है उसको न होने देना    
आसान तो न होगा 

तो क्यों न मान लेना ही अच्छा 
की जो हो रहा है अच्छा हो रहा है 
जो होगा वो भी अच्छा ही होगा 
भूत गुज़र गया भविष्य की चिंता न करो 
वर्तमान तो चल रहा है