मंगलवार, 4 सितंबर 2012

अजब ये सिलसिला क्यों ...


इरादा बुलबुला क्यों 
अजब ये सिलसिला क्यों   
  
झड़े पतझड़ में पत्ते 
हवा से है गिला क्यों 

फटे हैं जेब सारे 
हवा में है किला क्यों 

गए जो खुदकशी को 
उन्हें तिनका मिला क्यों 

शहर में दिन दहाड़े 
लुटा ये काफिला क्यों 

विरह की आग में फिर   
तपे बस उर्मिला क्यों 

छला तो इंद्र ने था 
अहिल्या ही शिला क्यों