मंगलवार, 19 फ़रवरी 2013

वो एक लम्हा ...


जब तक तुम साथ थीं 
बच्चों का बाप होने के बावजूद 
बच्चा ही रहा 

तेरे जाने के साथ 
ये बचपना भी अनायास साथ छोड़ गया 
उम्र के पायदान 
अब साफ़ नज़र आते हैं 

कहते हैं एक न एक दिन 
जाना तो सभी ने है  
समय तो सभी का आता है 

पर फिर भी मुझे   
शिकायत है वक़्त से 
क्यों नहीं दी माँ के जाने की आहट 
एक इशारा, एक झलक 

क्यों नहीं रूबरू कराया उस लम्हे से 

हालांकि रोक तो मैं भी नहीं पाता उसे
पर फिर भी ...