रविवार, 18 अक्तूबर 2009

शब्दों के मायने .....

शब्दों का सिलसिला आगे बढाता हूँ .............शब्दों को शब्दों के माध्यम से कुछ अर्थ देने की कोशिश के साथ ........

शब्द शब्द शब्द
हवा में शब्द, फिजां में शब्द
ये भी शब्द, वो भी शब्द
शब्द भी शब्द, निःशब्द भी शब्द
तू भी शब्द, मैं भी शब्द

आ मायने बन कर
इस कायनात में बिखर जाएँ

39 टिप्‍पणियां:

  1. तू भी शब्द, मैं भी शब्द
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~
    फिर भी दोनो है नि:शब्द

    शब्दो ने सब कुछ कह डाला

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  2. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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  3. shbd hi jidgiyo ko jodte hai
    bahut sundar shabd ke mayne diye hai abhar
    एक नन्हा दिया अपने आप को जलाकर अमावस को प्रकाशवान कर देता है |
    आपको आपके परिवार को दीपावली मंगलमय हो |
    शुभकामनाये बधाई

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  4. आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ

    aur nishabd hokar
    tan man se nikhar jayen

    vaah!dil ki baat kahne ka andaaz apka bada hi pyara aur anootha laga.
    dil se badhai!!

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  5. आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ ..kuch ik purane or kuch nye shabad milaye....jab निः se mile शब्द to moun ho jaye.....

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  6. बहुत सुंदर आप की कविता लगी. धन्यवाद

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  7. सारे शब्दों में एक शब्द ने निशब्द कर दिया और है निशब्द ... क्या खूब शब्द गढे हैं आपने... दिवाली समस्त बधाईयाँ और शुभकानाएं ... भाभी जी को भी सलाम कहें ...

    अर्श

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  8. दिगंबर जी नमस्कार .
    काफी दिन बाद आपको पढ़ रहा हुआ अच्छा लगा
    आपको दीपावली की शुभकामनाये

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  9. तू भी शब्द, मैं भी शब्द

    आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ

    आपको दीपावली की शुभकामनाये

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  10. wakai nishabd kar diya aapne.

    deepawali ki hardik shubhkamnayein

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  11. बहुत लाजवाब. शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  12. सुन्दर पोस्ट है।
    पोस्ट के साथ-साथ गोवर्धन-पूजा
    और भइया-दूज की शुभकामनाएँ!

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  13. सुन्दर रचना पोस्ट.... बधाई. दीपावली की हार्दिक शुभकामना के साथ ....

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  14. आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ


    bahut achchi lagi yeh post...

    Nishabd....

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  15. हाय!! ऐसी कायनात का इन्तजार है प्रभु!!

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  16. आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ

    इन दो पंक्तियों में साडी कायनात भर दी आपने .....!!

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  17. हर जगह शब्द और उनसे बनी सुंदर भावनाएँ बिखरी हुई हैं,सुंदर भाव..बेहद उम्दा रचना

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  18. सुन्दर,बहुत सुन्दर्।दीवाली की शुभकामनाएँ।

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  19. बहुत सुंदर रचना लिखा है आपने ! आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  20. और फिर कायनात के ही मायने बदल दें...


    जय हिंद...

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  21. वाह ! वाह !! वाह !!! शव्द की लीला अपरमपार...

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  22. अद्भुत रचना......
    शब्द ही ब्रह्म हैं......

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  23. आ मायने बन कर
    इस कायनात में बिखर जाएँ
    सच मे मैं भःऎए निशब्द हो गयी हूँ शायद सभी शब्द आपने हवा मे ही बिखेर दिये हैं । बधाई इस रचना के लिये

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  24. jab OM ka prasfuttan hua tab shabd ne apna aakaar liya aour poori srashti me fel gayaa/
    aapki rachna me isika darshan mujhe ho rahaa he/ ham sab shabd he/ maayane alag-alag ho sakate he kintu shabd ek hi he/
    bahut khoob digambarji...\

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  25. आपने तो चंद पंक्तियों में ही निःशब्द कर दिया..........

    दीपावली और भाई-दूज पर आपको हमारी अनंत हार्दिक शुभकामनाएं

    चन्द्र मोहन गुप्त
    जयपुर
    www.cmgupta.blogspot.com

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  26. बढिया लिखा है लिखा क्या शब्दों से खेले हैं आप. बहुत बढिया. दीपोत्सव की शुभ्कामनाओं के साथ्

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  27. शब्दों में उलझा, शब्द-शब्द पढ़ता ज्यों ही आखिरी दो पंक्तियों पर पहुँचा...मुख से निकला एक बड़ा सा "आहssssssss"

    लाजवाब दिग्म्बर भाई...लाजवाब!

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  28. शब्द ही तो ब्रम्ह है ,वो तुझमे भी है वो मुझमें भी
    अच्छी सोच है

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  29. शब्दों के मायने बहुत खूबसूरती से समझाए हैं आपने।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

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  30. बढ़िया

    इस टिप्पणी के माध्यम से, सहर्ष यह सूचना दी जा रही है कि आपके ब्लॉग की इस पोस्ट को प्रिंट मीडिया में स्थान दिया गया है।

    अधिक जानकारी के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं।

    बधाई।

    बी एस पाबला

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  31. bahut achchhi hasrat bayaan ki hai aur badaa hi mushkil hota hai sahi maynon ko vyakt kar pana iss daur mein........shukriya

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है