शनिवार, 30 अप्रैल 2011

ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है

किसी का घर जलाने की कभी साजिश नहीं करना
जहां हों फूस के छप्पर वहां बारिश नहीं करना

जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना

ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना

82 टिप्‍पणियां:

  1. ...बहुत ही सुंदर एवं शिक्षाप्रद रचना!

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  2. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना ।


    बहुत ही खूबसूरत सा संदेश है इन पंक्तियों में ...बहुत खूब ।

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  3. aadarniy sir
    bahut hi prerana dai v jivan me utarne wale sandesh deti hui sarthak prastui.
    ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
    जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना
    bahut hi sateek kathan
    sadar naman
    poonam

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  4. sabhee anusaneey sandesh hai.........
    sarthak lekhan .
    Aabhar

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  5. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना ...

    Beautiful lessons in all the couplets !

    .

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  6. 'भरोसा गर नहीं होगा.......... तो रिश्ते टूट जायेंगे

    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना '


    बहुत नाज़ुक सा सुन्दर शेर.......बढ़िया ग़ज़ल

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  7. ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
    जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना

    -बहुत जबरदस्त!! वाह!

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  8. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना


    गहरी बात कही आपने...इसे गाँठ बाँध कर रखनी चाहिए...

    सुन्दर...बहुत सुन्दर रचना...

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  9. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
    बहुत ही अच्‍छे शेर।

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  10. हासिले ग़ज़ल शे'र ...

    भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    क्या कमाल की बात की है आपने ..

    अर्श

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  11. सभी शे’र उम्दा हैं, अर्थपूर्ण हैं..

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  12. सरल सादी ज़बान में कहे आपके अशआर सीधे दिल में उतर जाते हैं...इस खूबसूरत ग़ज़ल के लिए जिसका हर शेर अनमोल है मेरी दाद कबूल करें...
    नीरज

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  13. किसी का घर जलाने की कभी साजिश नहीं करना
    जहां हों फूस के छप्पर वहां बारिश नहीं करना ...

    क्या बात है....लाजवाब.

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  14. उत्तम सीख देती शानदार गजलें.

    बिल्कुल पंचामृत...

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  15. जो पाना है तो खोने के लिया तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    हमेशा की तरह बेहतरीन गजल।

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  16. जो पाना है तो खोने के लिया तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    बहुत ही ख़ूबसूरत बात कही है....

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  17. जो पाना है तो खोने के लिया तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना ....

    लाज़वाब रचना...हर पंक्ति एक प्रेरक सन्देश

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  18. हर पंक्ति अर्थपूर्ण ...कोई न कोई सीख देती हुई... प्रभावशाली रचना..

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  19. भावनाओं को सुन्दर शब्द दियें हैं आपने, आभार.

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  20. ऐसी प्रतिबद्धता हो तो फ़िर क्या कहने ।

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  21. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
    खुबसूरत शेर , मुबारक हो

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  22. बहुत ही उम्दा मतले से शुरू हुई ग़ज़ल

    जो पाना है तो खोने के लिया तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    इन अश’आर के साथ अपने उरूज पर पहुंचती है
    बहुत ख़ूब !

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  23. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    बहुत खूबसूरत गज़ल

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  24. अर्थपूर्ण सीख लिए सुंदर पंक्तियाँ

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  25. आप बेहतरीन लिखते है...एक एक शब्द बांधता हुआ ...किसी संत जैसी बात कह दी आपने इसमें ...:)

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  26. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
    ग़ज़ल के हर शेर में
    बहुत प्यारा संदेश दिया है नासवा जी.

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  27. कुछ पाने के लिए ..कुछ खोना पड़ता है ! बिलकुल सही !

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  28. जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना .....
    हमारे देश के महाभ्रष्टों को पढना चाहिए.... शायद कुछ समझ आ जाये.

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  29. सुन्दर...बहुत सुन्दर रचना...

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  30. जो पाना है तो खोने के लिया तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना
    सभी गुर सुखी रहने के बताये आप ने, बहुत सुंदर धन्यवाद

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  31. दिगंबर जी, सच में यह एक ऐसा गीत है जिसे सभी को मिल कर गाना चाहिए और गीत के एक एक कथन पर अमल करना चाहिए....एक बढ़िया रचना केलिए बहुत बहुत धन्यवाद..बधाई

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  32. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    क्या बात कही है , वाह

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  33. वाह
    बहुत सुन्दर

    बधाई

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  34. खुलकर गाने के बाद लिख रहा हूँ...वाह! आनंद आ गया । ल ला ला ला... ल ला ला ला ....

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  35. खोने के लिए कर दें...गलत टाइप हो गया है।

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  36. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना..बहुत खूब....हर शेर लाजवाब!
    ---देवेंद्र गौतम

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  37. जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना |
    बहुत खुबसूरत बात |

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  38. हर एक शेर एक सीख देता ...लाजवाब !

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  39. सुन्दर शिक्षाप्रद गीत

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  40. पूरी रचना ही खूबसूरत है परंतु निम्न पंक्तियाँ विशेष रूप से अपने ही दिल से निकली हुई लगीं:
    जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना

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  41. जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना”

    वाह... कितनी सच्ची बात.... बहुत सुन्दर

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  42. सुन्दर शिक्षाप्रद गीत|

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  43. जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना
    maine to gunguna bhi liya , ab milke gane ko taiyaar hain

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  44. मतले में धमाका और आख़िरी शेर में निवेदन,

    वाह बॉस वाह| आप के ब्लॉग को अपने ब्लॉग की वॉल पर शेयर कर लिया है बन्धु|

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  45. जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना
    खूब सुरत नज्म की खूब सुरत रवानगी क्या कहने !

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  46. पूरी ग़ज़ल अच्छी है... मित्र
    मगर इस शेर की तारीफ जितनी की जाये उतनी कम है......
    जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना
    वाह वाह .......!!!!

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  47. जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    बहुत सुन्दर.

    मेरे ब्लॉग पर आयें, स्वागत है.
    चलने की ख्वाहिश...

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  48. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    बहुत सुन्दर लिखा है ..यह विशेष रूप से पसंद आया

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  49. "किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना "
    बेमिसाल,हर शेर एक सन्देश दे रहा है. हमेशा कि तरह एक लाजवाब प्रस्तुति

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  50. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति!
    --
    पिछले कई दिनों से कहीं कमेंट भी नहीं कर पाया क्योंकि 3 दिन तो दिल्ली ही खा गई हमारे ब्लॉगिंग के!

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  51. आदरणीय दिगम्बर जी
    आपके ब्लॉग पर पहली दफा आना हुआ.बहुत ही सुखद अनुभव हुआ आपकी भाव और प्रेरणा से पूर्ण अभिव्यक्ति पढकर.आपका लेखन सुस्पष्ट,सरल और सटीक है जो सीधे दिल को छूता है.
    यह मेरे लिए गर्व और खुशी की बात है कि ३० अप्रैल को हुए सम्मलेन में आपके नाम का अवार्ड मेरे द्वारा प्राप्त किया गया.आपको अवार्ड दिए जाने के लिए शत शत हार्दिक बधाई.
    आप मेरे ब्लॉग 'मनसा वाचा कर्मणा' पर आईयेगा,आपका हार्दिक स्वागत है.

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  52. बहुत ही सुंदर गज़ल भाई दिगम्बर जी बधाई

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  53. दिगम्बरजी,

    हर बार सिर्फ वाह ही वाह।

    बहुत बढिया रचना..., मानवीयता, आदमीयता, इंसानीयत सिखाती रचना है...इसमे अध्यात्म-दर्शन भी झलकता है और यह आपका एक अन्दाज़ भी है जो मुझे बहुत भाता है।

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  54. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    क्या बात कही है , वाह

    जवाब देंहटाएं
  55. पढ़कर सोचने पर विवश हुई .बहुत बढिया रचना..अच्छी लगी..

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  56. जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
    हम तो गा रहे हैं खास कर ये दो पँक्तियाँ तो बहुत अच्छी लगी। बधाई।

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  57. ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
    जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना
    digambar ji har ki tarah umda ,ek aur behtrin gazal ke liye badhai aapko .

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  58. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को अजमाने की कभी कोशीश नहीं करना !
    बिलकुल सही, हर पंक्ति अर्थपूर्ण है
    बहुत सुंदर रचना .........

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  59. संदेशपरक / फिलासॉफिकल /सुन्दर गीत !

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  60. बहुत बढ़िया /अच्छी ख्वाहिश/बेहतरीन लेखन.

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  61. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना
    wah....bahot achche.

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  62. Gane ka man to apne aap karta hai. Bahut sunder sandesh detee gazal.

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  63. ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
    आप भी बन सकते इस ब्लॉग के लेखक बस आपके अन्दर सच लिखने का हौसला होना चाहिए.
    समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
    .
    जानिए क्या है धर्मनिरपेक्षता
    हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

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  64. जो पाना है तो खोने के लिए तैयार हो जाओ
    जो खोने से है डर पाने की फिर ख्वाहिश नहीं करना

    सार्थक संदेश देती हुई बेहतरीन ग़ज़ल।

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  65. बहुत कम ग़ज़ल ऐसी होती हैं जो दिशा देती हो.. उनमे से एक यह.. प्रेरणा से भरी..

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  66. "भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना"

    "जो खाली हाथ आये हो तो खाली हाथ है जाना
    ये मेरा है ये मिल जाए ये फरमाइश नही करना"
    har sher daad dene ke kabil hai....!!

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  67. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना'
    .............................................
    ..........................................
    क्या लिखू? बहुत भावुक हो उठी हूँ,जैसे किसी ने ......पर देख लो हमने किसी रिश्ते को फिर भी टूटने नही दिया. हर शेर का ज़िक्र करना संभव नही .कितने घंटों से पढ़ रही हूँ तुम्हारी रचनाये बाबु! सचमुच कुछ के लिए तो 'दिल को छू गई' लिखने की इच्छा हो रही है.

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  68. भरोसा गर नहीं होगा तो रिश्ते टूट जायेंगे
    किसी को आजमाने की कभी कोशिश नहीं करना

    बहुत ही सकारात्मक भाव के साथ एक सार्थक रचना रची है नासवा जी ! बहुत अच्छी लगी ! हर पंक्ति सार्थक और प्रेरक है ! मेरी बधाई स्वीकार करें !

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  69. ये ऐसा गीत है जिसको सभी ने मिल के गाना है
    जहर से शब्द कर्कश सी कोई बंदिश नही करना

    सुन्दर सीख देती शानदार रचना।

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है