सोमवार, 4 नवंबर 2019

जीवन आपा-धापी “एजिटे-शन” है ...


ठँडी मीठी छाँव कभी तीखा “सन” है
जीवन आपा-धापी “एजिटे-शन” है

इश्क़ हुआ तो बस झींगालाला होगा
“माइंड” में कुछ ऐसा ही “इम्प्रे-शन” है

मिलने पर तो इतने तल्ख़ नहीं लगते
पर “सोशल” मंचों पर दिखती “टेन्शन” है

बतलाता है अब “इस्टेटस” “सेल्फी” का
खुश है बच्चा या कोई “डिप्रे-शन” है

नव नूतन चन्दन वंदन है अभिनन्दन
विजय पर्व है जब जीता अभिनन्दन है

आधा खाली है तो आधा भरा हुआ   
खाली का बस खाली-पीली कृन्दन है

“ट्वीटर” “इन्स्टाग्राम” “फेसबुक” है गुरुकुल
ज्ञान पेलता गहरा अविरल चिंतन है

कभी “डिसीसिव” और कभी है “इन्क्लूसिव”
राजनीति में “टाइम” “ओबज़र्वे-शन” है

आशिक, उल्लू, शोदा, पागल, “लवर” गधा 
एक ही शब्द समूह “महा-गठबंधन” है 

46 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (05-11-2019) को   "रंज-ओ-ग़म अपना सुनाओगे कहाँ तक"  (चर्चा अंक- 3510)  पर भी होगी। 
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    -- 
    दीपावली के पंच पर्वों की शृंखला में गोवर्धनपूजा की
    हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई।  
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. वाह सर.. नवीनतम सुंदर प्रयोग .... प्यूजन गज़ल बहुत बढ़िया है कुछ अलग हटकर तरोताज़ा सृजन।
    हर बंध सराहनीय है।

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  3. "ट्वीटर” “इन्स्टाग्राम” “फेसबुक” है गुरुकुल
    ज्ञान पेलता गहरा अविरल चिंतन है...वाहह बेहतरीन प्रस्तुति आदरणीय

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  4. बहुत खूब !! अभिनव प्रयोग !! लाजवाब सृजन ।

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  5. वाह साहब वाह, चकित कर दिया

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  6. बतलाता है अब “इस्टेटस” “सेल्फी” का
    खुश है बच्चा या कोई “डिप्रे-शन” है


    आशिक, उल्लू, शोदा, पागल, “लवर” गधा
    एक ही शब्द समूह “महा-गठबंधन” है

    पहली बात आज के जीवन का टेढ़ा आइना है और आखिरी पंक्तियाँ तो ज़बरदस्त सियासी टिप्पणी है.

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  7. अरे जनाब
    कमाल कर दिया
    ऐसा प्रयोग आप की कलम से बहुत अच्छा लगा सर।

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  8. जीवन आपा-धापी “एजिटे-शन” है
    वाह वाह...
    कमाल का सृजन...नये प्रयोग नये शब्द और नया सा समसामयिक गठबंधन...
    लाजवाब ...बस लाजवाब
    वाह!!!!

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  9. आशिक, उल्लू, शोदा, पागल, “लवर” गधा
    एक ही शब्द समूह “महा-गठबंधन” है
    कमाल, कमाल और बस कमाल !!!
    इस महा गठबंधन के बारे में तो कभी सोचा ही नहीं !

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  10. बतलाता है अब “इस्टेटस” “सेल्फी” का
    खुश है बच्चा या कोई “डिप्रे-शन” है
    हाँ सर ,माँ बाप को भी वही से पता चलता हैं अपने बच्चों के बारे में ,बहुत खूब ,लाजबाब सादर नमन

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  11. बहुत ही सुन्दर सृजन आदरणीय
    सादर

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  12. उत्तर
    1. जी ... अच लगा आपको तो सफल है टशन ...
      आभार आपका ...

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  13. बस हुनरमंद होना चाहिए, कविताओं का सृजन तो आप कहीं से भी कर सकते हो कमाल की खूबी है आपकी बहुत अच्छा लिखा..!

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  14. ग़ज़लों के तो आप बादशा हैं ठहरे
    लेकिन ग़ज़ब आज का यह जो 'फ्यूज़न' है !
    बहुत बढ़िया नासवा जी ! आपकी कलम का जवाब नहीं !

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  15. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना बुधवार ६ नवंबर २०१९ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

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  16. वाह क्या कहने ... बेहद शानदार और धारदार तरीके से गज़ल को पेश किया आपने ....बहुत बहुत बधाई

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  17. कभी “डिसीसिव” और कभी है “इन्क्लूसिव”
    राजनीति में “टाइम” “ओबज़र्वे-शन” है

    आशिक, उल्लू, शोदा, पागल, “लवर” गधा
    एक ही शब्द समूह “महा-गठबंधन” है

    वाह! व्यवस्था का करारा लप्पड़ जमाया है
    हर बार की तरह लाजवाब प्रस्तुति

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है ...