सोमवार, 27 अप्रैल 2020

दास्ताँ - हसीन सपनों की ...


इंद्र-धनुष के सात रँगों में रँग नहीं होते ... रँग सूरज की किरणों में भी नहीं होते और आकाश के नीलेपन में तो बिलकुल भी नहीं ... रँग होते हैं तो देखने वाले की आँखों में जो जागते हैं प्रेम के एहसास से ...  

दुनिया रंगीन दिखे
इसलिए तो नहीं भर लेते रँग आँखों में   

उदास रातों की कुछ उदास यादें
आँसू बन के न उतरें
तो खुद-ब-खुद रंगीन हो जाती है दुनिया

दुनिया तब भी रंगीन होती है
जब हसीन लम्हों के द्रख्त
जड़ बनाने लगते हैं दिल की कोरी ज़मीन पर
क्योंकि उसके साए में उगे रंगीन सपने
जगमगाते हैं उम्र भर

सच पूछो तो दुनिया तब भी रंगीन होती है     
जब तेरे एहसास के कुछ कतरे लिए  
फूल फूल डोलती हैं तितलियाँ
ओर उनके पीछे भागते कुछ मासूम बच्चे
रँग-बिरँगे कपड़ों में

पूजा की थाली लिए
गुलाबी साड़ी पे आसमानी शाल ओढ़े 
तुम भी तो करती हो चहल-कदमी रोज़ मेरे ज़ेहन में
दुनिया इसलिए भी तो रंगीन होती है

दुनिया इसलिए भी रंगीन होती है
कि टांकती हो तुम जुड़े में जंगली गुलाब

#जंगली_गुलाब

56 टिप्‍पणियां:

  1. वाह!दिगंबर जी ,बेहतरीन!
    दुनियाँ रंगीन दिखे ,इसीलिए तो नहीं भर लेते रंग आँखों में...
    वाह.....!!

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  2. वाह क्या जीवंत भाव पिरोये है सर।
    आपकी रचना की अनूठी बुनावट बहुत खूबसूरत है।

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  3. मन्त्रमुग्ध करती भावाभिव्यक्ति...अत्यंत सुन्दर सृजन ।

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  4. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (28 -4 -2020 ) को " साधना भी होगी पूरी "(चर्चा अंक-3684) पर भी होगी,
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

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  5. उत्तर
    1. बहुत शुक्रिया राजीव जी ... आपका आना भीनी खुशबू के झोंके सा है ...

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  6. इस जंगली गुलाब का हुस्न तो आपके शब्दों से हमारे सामने इंद्रधनुष सा फैल गया है बहुत सुंदर पंक्तियां सर हमेशा की तरह

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    1. आपकी नज़रों का भी कमाल है अजय जी इसमें ...
      बहुत आभार आपका ...

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  7. दुनिया इसलिए भी रंगीन होती है
    कि टांकती हो तुम जुड़े में जंगली गुलाब
    सच है.....

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  8. दुनिया तब भी रंगीन होती है
    जब हसीन लम्हों के द्रख्त
    जड़ बनाने लगते हैं दिल की कोरी ज़मीन पर
    क्योंकि उसके साए में उगे रंगीन सपने
    जगमगाते हैं उम्र भर
    बहुत ही खूबसूरत रचना हमेशा की तरह ,दिगम्बर जी आप लोगो की पोस्ट मुझे नही दिखती ,इसी कारण से मुझे नई पोस्ट के बारे नही पता चलता है ,जब ब्लॉग शुरू किया था तब ये मुश्किलें नही रही ,जिसकी भी पोस्ट डलती रही मेरे ब्लॉग पर दिखाई देती रही ।,आप का बहुत बहुत शुक्रियां

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    1. बहुत आभार ज्योति जी ...
      अगर आप लिंक लगा लें ब्लॉग पर जिनको आप पढना चाहती हैं तो उनके लिंक दिखाई दे जाते हैं ...

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  9. वाकई रंग आँखों में होते है । मनःस्थिति के अनुसार दिखलाई देते हैं ।

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  10. लाजवाब बेहतरीन साधु साधु

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  11. उदास आँखों की उदासी छुपाते हुए आँखों में भरे रंग से दुनिया रंगीन दिखती है....देखने का नजरिया ही दिखाता है कैसी है दुनिया....
    साथ में आपकी कल्पनाएं और कदाचित.... लेखन तो क्या पाठक के जेहन को भी जंगली गुलाब से महका देते हैं....
    लाजवाब सृजन।

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    1. आपकी व्याख्या रचना को नया आयाम दे जाती है ... बहुत आभार आपका ...

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  12. दुनिया रंगीन दिखे
    इसलिए तो नहीं भर लेते रँग आँखों में

    उदास रातों की कुछ उदास यादें
    आँसू बन के न उतरें
    तो खुद-ब-खुद रंगीन हो जाती है दुनिया

    दुनिया तब भी रंगीन होती है
    जब हसीन लम्हों के द्रख्त
    जड़ बनाने लगते हैं दिल की कोरी ज़मीन पर
    क्योंकि उसके साए में उगे रंगीन सपने
    जगमगाते हैं उम्र भर... निशब्द करता लाजवाब सृजन आदरणीय सर

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  13. बहुत सुंदर. बहुत देर के बाद फिर खिला है जंगली गुलाब.

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    1. बहुत आभार आदरणीय ... आशा है आप ठीक होंगे ... स्वस्थ रहे ...

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  14. सच प्रेम की जड़ें गहरी हो तो उसे कोई नहीं उखाड़ सकता
    बहुत अच्छी प्रस्तुति

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  15. दुनिया रंगीन दिखे
    इसलिए तो नहीं भर लेते रँग आँखों में
    सच्चाई व्यक्त करती बहुत सुंदर रचना। क्योंकि वास्तव में दुनिया वैसी ही दिखती हैं जिन आंखों से हम जैसा देखना चाहते हैं।

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  16. भावनाओं के रोमानी रंग जब शब्दों में बिखरते हैं तो ऐसी कविताओं का सृजन हो ने लगता है.

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  17. पूजा की थाली लिए, गुलाबी साड़ी पे आसमानी शाल ओढ़े , तुम भी तो करती हो चहल-कदमी.............
    बेहतरीन रचना

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  18. आँखों में प्रीत का उजाला हो, उदास कर देने वाली यादों का अँधेरा न हो, न हो आशंका के काले बादल, तो दुनिया वाकई रंगीन लगती है,बहुत खूबसूरत रचना !

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  19. खूबसूरत सकारात्मक अहसास दर्शाती, जगाती हुई रचना....

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  20. बहुत खूबसूरत कविता. कमाल है...

    दुनिया इसलिए भी रंगीन होती है
    कि टांकती हो तुम जुड़े में जंगली गुलाब

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  21. असली बात जंगली गुलाब में ही है....सुन्दर सृजन।

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  22. दुनिया इसलिए भी रंगीन होती है
    कि टांकती हो तुम जुड़े में जंगली गुलाब
    मन की खूबसूरती भी चाहिए दुनियां को रंगीन रूप में देखने के लिए। सुन्दर और जीवंत शब्द 

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आपके विचारों और मार्गदर्शन का सदैव स्वागत है